Digital Signature क्या है ? Digital Signature kya hai ?

आज कल के यह तेज़ी से बड़ते और आगे बदते हुए ज़माने मे बहुत सी ऐसी ऐसी चीज़े है जो हमारी पहचान बन चुके है। वैसे में क्या आप जानते है की Digital Signature क्या है ?

जैसे अगर हम आज से कुछ समय पहले की बात करने जाये तो तब पहचान पत्र हमारे लिए बेहद ज़रूरी हुआ करता था। क्यूँकि तब सिर्फ पहचान पत्र ही हमारी पहचान हुआ करता था।

अगर हम आज के ज़माने की बात कर रहे है तो आजकल हमारे लिए आधार कार्ड बहुत ज़रूरी हो गया है, उसी तरह कुछ समय पहले जैसे हमारे हस्ताक्षर बहुत ज़रूरी हुआ करते थे। उसी तरह आज कल डिजिटल सिग्नेचर का ज़माना है।

आप सबको तो पता ही होगा की हस्ताक्षर क्या होता है और उसे हम कैसे इस्तेमाल करते है।

आसान शब्दों मे कहा जाये तो आपका किसी भी कागजात पर हस्ताक्षर होना आपकी उस कागज़ात के लिए सहमति करार करती है ।

तो क्यूँकि आज कल हर चीज़ ऑनलाइन मोड मे आ रही है।

तभी एक नया नाम है जो आजकल बेहद प्रचलित है और वो है डिजिटल सिग्नेचर

हमार आज का आर्टिकल का विषय है डिजिटल सिग्नेचरI

अगर आप नही जानते Digital Signature क्या है ? तो आज आपको इसकी पूरी जानकारी हमारे इस आर्टिकल में मिलेगा। तो चलिए सीखते है।

digital signature

Digital Signature क्या है ?

डिजिटल सिग्नेचर को हम परिभाषित करें तो ये कहना सही होगा की डिजिटल सिग्नेचर एक ऐसी गणित तकनीक है।

जिसके कारण हम हमारे किसी भी ऑनलाइन कागजात या इ-मेल को ऑनलाइन प्रमाणित कर सकते है ।

और यह आपकी प्रमाणिकता की भी पुष्टि करती है।

 इसमे आपकी उम्र, आपकी जन्मदिन की तारीख और भी कुछ इत्यादि निजी जवाब होते हैI

Digital Signature की कोई निर्धारित सीमा होती है ?

डिजिटल सिग्नेचर की एक निर्धारित सीमा होती है । जो की ज्यादा टार 2 या 3 साल की होती हैI इसके बाद आपको रिन्यू करना होता है।

कोई भी उपभोग्ता जो डिजिटल सिग्नेचर उसे करता है। तो उसे उसकी अवधि का पता होना बहुत ही आवश्यक होता है।

ताकि digital signature की अवधि खतम होने से पहले वो उसे renew करवा ले।

क्योकि अगर वो उसे renew नहीं करवाता है तो उसे नुकसान भी उठाना पर सकता है।

डिजिटल सिग्नेचर से जुडी कुछ चीज़े

  • हैश फंक्शन
  • पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी
  • पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर 
  • सर्टिफिकेट अथॉरिटी 
  • डिजिटल सर्टिफिकेट
  • प्रीटी गुड प्राइवेसी

Digital Signature सर्टिफिकेट क्या होता है ?

डिजिटल सर्टिफिकेट एक तरीके का इलेक्ट्रॉनिक पासवर्ड जैसे होता है।

जिसके कारण कोई भी पब्लिक key की मदद  से इन्टरनेट पर सुरक्षा से कुछ भी भेज सकता है।

यह पब्लिक key  सर्टिफिकेट कहलाया जाता है।

डीएससी यानी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट

यह कोई भी ऑनलाइन होती हुई लेन देन को उच्च कोटि लेवल की सुरक्षा देता है।

 डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के अन्दर आपकी निजी जानकारी होती है।

डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार

  • पहला :क्लास 1 डीएससी
  • दूसरा :क्लास 2 डीएससी
  • तीसरा :क्लास 3 डीएससी

डिजिटल सिग्नेचर के कुछ मुख्य फायदे

ऑथेंटिकेशन:

ऑथेंटिकेशन, यह एक सबसे बड़ा फायदा डिजिटल सिग्नेचर का इसीलिए है। क्यूँकि डिजिटल सिग्नेचर यूजर के प्राइवेट key के साथ जुड़े होते है।

जिसके कारन यह पता लगाना बेहद आसान हो जाता है की उसका असली मालिक कोन हैI

इंटीग्रिटी:

डिजिटल सिग्नेचर का दूसरा फायेदा का यह है ।अगर किसी मे भी एक बिट का भी फरक होता है तो यह सीधे तरीके से यह साफ़ हो जाता है की वह डॉक्यूमेंट या वह फाइल अब विश्वस्निये नहीं रही है ।

नॉन-रेपुडिएशन:

डिजिटल सिग्नेचर का तीसरा फायेदा यह है की अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी डॉक्यूमेंट को खोलता है । तो वह व्यक्ति उस चीज़ से इनकार नहीं कर सकता क्यूँकि वह पब्लिक Key का इस्तेमाल कर चूका होगा और इसमें हर चीज़ का एक रिकॉर्ड रहता है ।

सारांश :

जैसे की आप सब अब डिजिटल सिग्नेचर के बारे मे काफी कुछ जान ही चुके हो जैसे की डिजिटल सिग्नेचर होता क्या है, डिजिटल सिग्नेचर के कुछ फायेदे, डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार, डिजिटल सिग्नेचर की निर्धारित सीमा, डिजिटल सिग्नेचर से जुड़े कुछ चीज़े और तो और आपने डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के बारे मे भी जाना आपने, तो यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसका शीर्षक था “डिजिटल सिग्नेचर”, हम आशा करते है की हम आपकी सारी शंकाए दूर करने में सफल हुए होंगे।

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